सब्जी बीजों से बनते है 'मगज और मेवा ।

कद्दू 'खरबूजा 'तरबूज ' लोकी और खीरा के पके बीजो को हम बेकार समझकर फेक देते है ।जवकी इनही बीजो से कीमती मगज  और मेवे बनते है । इन बीजो के छिल्के को हाथ से छीलकर निकाली जाती है इनकी गिरी जिसे बिजी ' गिरी 'मिंगी ' मेवा और मगज कहते है ।
सब्जियों के बीजो की गिरी का उपयोग ।
इन बीज की गिरी का उपयोग मिठाईयॉ ' हलवा ' खीर  और मगज के लड्डू बनाने मे किया जाता है । जन्म अष्टमी के पर्व पर  इन मेवो का उपयोग मिष्ठानो मे विशेष तोर पर किया जाता है ।ठंडे पेय ठंडाई बनाने मे खीरा ओर चीमडी के बीज की गिरी का उपयोग दिमाग को एनर्जी देने के लिए किया चाता है । उत्तर भारत मे इन मेवो का उपयोग  अधिक होता है । किराना दुकानो पर  इन गिरी मेवो खरीदे बैचे जाते है ।इन मेवो का मुल्य 300₹ से 650 रू तक होता है । घरेलू उपयोग के लिए तो जो महिलाए इन मेवो के बारे मे जानतीं है वह  इन बीजो को हाथ से छीलकर कुछ थोडे से गिरी के मेवे अपने उपयोग के लिए घर पर ही तैयार कर लेती है ।
हाथरस गिरी व्यापार का केंद्र है ।
भारत मे हाथरस गिरी व्यापार का बडा केंद्र है ।यहाँ पर हर दिन 4_5 टन बीजो से गिरी निकाली जाती है ।पहले तो बीजो से गिरी निकालने का काम घरो मे महिलायो से हाथ से बीज छिलवाकर गिरी निकलवाई जाती थी पर  अव यह काम फेक्ट्रीयो मे मशीनो से होता है और केमिकलो से बीजो की गिरी निकाली जाती है ।हाथरस से पूरे भारत के अलावा विदेशो मे भी भारी मात्रा मे गिरी मेवे भेजे जाते है ।

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