गुरुवार, 30 मार्च 2017

भविष्य मे खेती का रूप ।

आज परंपरागत खेती करना घाटे का सोदा शिद्ध हो रहा है । इसलिए आने वाले समय मे खेती का स्वरूप बदलेगा 'और खेती मे यह बदलाव समय की मॉग है ।
बैज्ञानिक खेती _आगामी समय मे वैज्ञानिक खेती ही लाभदायक शिद्ध होगी ।खेती वाडी के सभी काम वैज्ञानिक तरीको से होगे एवं कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से ही खेती का हर काम करना ही कृषक के लिए हितकर होगा ।
रासायन रहित खेती _आज खेती मे रासायनो के दुष्परिणाम सामने आ रहे है ।इसलिए भावी समय मे रसायन मुक्त खेती ही होगी । खेतो मे गोबर की देशी खाद 'और  आयुर्वेद कीटनाशक दवाओं का ही अधिक उपयोग होगा ।
जल प्रबंधन _ आने वाले वर्षों मे बरसा कम होने से भूमी गत जल स्तर घटेगा । इसलिए खेत का पानी खेत की जमीन मे ही रहे इसके लिए खेतो मे मेड बंधान ' सोखता गड्ढे ' तालाव  आदि के इतजाम करने होगे ।
पोली हाउस खेती _ खेती मे आने वाली सभी समश्याओ को कम करने का तरीका है पोली हाउस मे खेती करना । पोली हाऊस मे तापमन नियंत्रण करके कम पानी कम जमीन पर बारह महिने किसी भी मोषम मे कोई भी फसल लगाई जा सकती है ।और फसल  उत्पादन लिया जा सकता है । इन सुविधाओ को देखते हुए पोली हाउस खेती का दायरा वढ रहा है ।डिजिटल खेती _ रिमोट कंट्रोल से चलेगे खेतो मे ट्रेक्टर ' भारत सहित दुनिया के कुछ देशो मे यह तकनीक विकशित हो गई  है । अब कंपनीयॉ एसे ट्रेक्टर बनाने जा रही है जिसे चलाने के लिए चालक की जरूरत नही पडेगी ।इसमे काम के हिसाव से एक बार प्रोग्रामिंग सेट करने के बाद  उसे खेत मे काम करने के लिए छोड दिया जाता है और टेक्टर  खूद ही काम पूरा होने पर  अपने आप खडा हो जाता है ।
ड्रोन कीटनाशक यंत्र _ आने वाले समय मे खेतो मे कीटनाशक दवाओ का छिडकाव खेतो मे ड्रोन करेगे ।यह प्रयोग हुआ है जो सफल रहा है । हालाकी आभी तक भारत मे किसी कपनी ने यह ड्रोन कीटनाशक यंत्र बनाकर बाजार मे नह  उतारा है । पर यह जल्दी बाजार मे आएगा अभी कुछ किसानो ने खुद ही अपने काम के लिए एसे यंत्र बनाए है ।जिनसे दिनो का काम घंटो मे होता है ।और किसान  अपने खेत की मेड पर  बैठकर ड्रोन को रिमोट से खेत की फसल के ऊपर  उडाता रहता है और खेत मे दबा सिचाई होती रहती है । यह तकनीक किसानो को बहुत भा रही है ।भविष्य मे इसके लोकप्रिय होने की बहुत संभावना है ।

सी सी टीवी  केमरे से खेत की निगरानी _ अनेकों किसान  अब खेतो मे सी सी टीवी केमरे  लगवा कर घर बैठे खेत की देखरेख कर रहे है ।  आने वाले समय मे इस तकनीक से खेतो की रखवाली होगी इसमे खेत कर हमेशा एक नोकर  रखने की झंझट से छुटकारा मिल जाता है ।और नोकर के खरच से कम पैसे मे खेत की निगरानी होती है । खेत मे कही कोई गडवडी दिखने पर तुरंत वाइक से किसान खेत पर पहुज जाता है ।

रविवार, 26 मार्च 2017

सफलता पाने का मंत्र !

मंत्र _ क्या ' क्यों ' कैसे ' कब ' कितना ' !

क्या _क्या करें ' क्या काम करें । हर  आदमी के लिए जीवन जीने के लिए कुछ न कुछ काम करना तो जरूरी होता है । पर क्या काम करे ।यह निश्चित करना भी बहुत जरूरी है ।अपनी आत्मा से पूछे ।और  अपनी योग्यता 'क्षमता के अनुसार काम का चुनाव करे । यह पक्का निश्चय करे की हमे यह काम करना है । इसके बाद ही काम शुरु करे ।
क्यों _क्यों करें ।हम यह काम क्यों करना चाहते है । इससे हमे क्या मिलेगा । हम क्या पाना चाहते है । दोलत  इज्जत शोहरत ताकत मोक्ष  आदि मे से क्या हम पाना चाहते है । इस काम के पीछे हमारा उद्देशय क्या है ।क्योंकि हर काम के पीछे कोई ना कोई उद्देश्य जरूर होता है । इसलिए यह स्पस्ट होना चाहिए की इस काम के पीछे हमारा यह मकसद है और  इस मकसद के लिए हम यह कर रहे है । तभी काम करें ।
कैसे _कैसे करें । इस काम की बिधि क्या है ।इसका तरीका क्या है । यह काम कैसे होगा । यह समझने के बाद जव पूरा यकीन हो जाए की यह काम  इस तरह से होगा और मे इसे कर सकता हू । तभी वह काम करें ।
कब _ कब करें । किसी भी काम का एक समय  एक  आयु होती है ।इसलिए हय निश्चित करें की यह काम हमे कब करना है । पढाई पूरी होने के बाद या शादी के बाद या 18 साल की आयू होने पर हमे यह करना है । अपने काम का समय निश्चित करें । और  उसे याद रखे और समय  आने पर वय काम करें ।
कितना _ कितना करें । कितना काम करना है । हर काम की एक सीमा और समय  अबधि होती है । इसलिए अपने काम की एक सीमा निरधारित होनी चाहिए ।कि हमे  इतना ' यहाँ तक काम करना है । इसके बाद ही काम  आरंभ करें ।
नोट _ सफलता के इस मंत्र के इन पॉच शब्दों के उत्तर पाए अपने आप से और  उन्हें हमेशा याद रखकर काम करने पर100% सफलता मिलती है । इस मंत्र से अनेक लोगो ने सफलता के शिखर पाए है ।

शनिवार, 25 मार्च 2017

बेरी के बेर और आय के ढेर !

फरवरी महिने मे बेर का सीजन  आते ही ही बेरी के झाडो पर पके हुए बेर लद जाते है ।और बेर के पके हुए फलो की झडी लग जाती है ।गॉव दिहात मे बेरो के झाडो के नीचे पके हुए खट्टे मीठे बेर के फल बिछे रहते है और लोग  इन फलो को अपने पैरो तले कुचलते हुए इनके  उपर से निकल जाते है पर यह लोग  इनकी कीमत नही समझते है ।अगर  इन बेरो को बच्चों से रोज बिनवा कर इकट्ठा कर लिया जाए और  इनहे धूप मे सुखालिया जाए ।और फिर अॉफ सीजन मे शहर के किसी बेरो के खरीददा को बेचा जाय तो यह बेर 20 रू किलो तक बिकते है । क्योकि अॉफ सीजन मे लोग बेरो को उवाल कर खाना बहुत पसंद करते है । एक बेर के झाड से 50 से 200 किलो तक बेर पूरे सीजन मे मिलते है ।जिस ग्रामीण जन के पास पास बेरी के दो चार झाड हो वह  एक सीजन मे बेर से 10_15 हजार रुपय सहज की कमा सकता है । और बेर  उसकी  आय का एक छोटा ही सही पर जरिया बन सकता है । तो फिर देर किस बात की करे बेर  इकट्ठे ।
अगर बेर के झाड न भी हो तो इनहे बाजार से बडे आकार के बेर खरीद कर खाए और  इनकी गुठली इकटठी रख ले और बारिश शुरू होने के बाद जुलाई मे इन बीजो को माकान के पास की खाली जगह पर जमीन मे एक  इच निचे गाड दे ।इसके बाद तो यह बगेर देखभाल के ही हो जाते है और दो साल मे फल देने लगते है । बाजार मे बडे आकार के बेर के फल 50 रू किलो तक ताजे पके बिकते देखे जाते है ।
कहीं कहीं पर तो एप्पल बेर की खेती हो रही है यह बेर सेव के आकार का होता है और  इसमे गुठली नही होती है । अन  ऊपजाऊ और सूखी जमीन पर बेर की खेती लाभदायक सावित हो सकती है क्योंकि बेर के पेड को जादा पानी की जरूरत नही होती । बेर ही नही किसी भी छोटी पत्ती बाले कॉटेदार पेड पौधों को बहुत कम पानी की जरूतत पडती है ।और  इतना पानी यह पौधे हवा ओस से खीच लेते है । तभी तो सूखे रेगिस्तान मे कॉटेदार पौधे हरे भरे रहते है ।
तो है ना बेरी के बेर  आय के ढेर '🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒

भीम एप्प की पूरी जानकारी ।

भीम एप दिसंवर 2016 को जारी हुआ । तभी से हय  एप सुर्खीयो मे बना है ।और भारत मे यह  एप सबसे जादा डाऊनलोड किया जा रहा है ।और  अब भारत सरकार इसका प्रचार बडी तेजी से कर रही ।भारत मे सरकार डिजिटल मनी के लेनदेन को बढाने के लिए लोगो को भीम  एप का उपयोग करने की सलाह दे रही है ।इस  एप का नाम बाबा साहव भीम राव  अंबेडकर के नाम पर रखा गया है ।  भीम  एप  एंड्राइड मोवाइल पर काम करता है और  इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है । फ्री मे ' यह  एप हिंदी अंग्रेजी भाषा के साथ ही अन्य भरतिय भाषाओ मे भी काम करेगा । भीम  एप लगभग सभी भारतिय बैंको के लिए काम करता है ।
भीम एप को डाउनलोड करने के लिए गूगल सर्चबाक्स मे 'भीम  एप डाउनलोड 'टाइप करे और सर्चकरे आने बाले परिणामो मे से किसी भी एक पर क्लिक करे और वहाँ से यह  एप लोड करे । इसके बाद  इंसकाल करे ।फिर एप को खोले 'और मेन मेनू मे जाए ' बैंक एकाउंट स्लेक्ट करे ' अब सेट upi पिन अॉप्सन चुने 'अब  अपने atmकार्ड का छह  अंक का नं डाले समाप्ती तारीख सहित ' इसके बाद otp मिलने पर  इसे एप मे डायल करे ' अब  अपना upiपिन बनाए । इस तरह  एक बार भीम  एप पर रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद हम  अपने बैक खाते मे जमा रूपए कही भी किसी को भी घर बैठे आपने मोवाइल से इस  एप की सहायता से भेज सकते है । इसके लिए हमे सामने वाले व्यक्ति का खाता नं एप मे टाइप करना होता है और रूपयो की राशी लिखनी पडती है ।इसके बाद बटन दबाते ही हम रूपये भेज सकते है।इस  एप से हम  अपना बैंक बैलेंस भी चेक कर सकते है ।भीम  एप का उपयोग केवल  अपने ही एक बैक खाते के लिए करना सुबिधा जनक है । इस  एप से एक बार मे 10000 रू तक ट्रास्फर किए जा सकते है और  एक दिन मे जादा से जादा 20000 रू तक ट्रास्फर किए जा सकते है ।पर भविष्य मे यह संख्या बढेगी ।और भीम एप लोगो की आकांक्षा पर खरा उतरेगा । भविष्य मे यह  एप भारत के हर खाता धारक के लिए जरूरी होगा ।
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गुरुवार, 23 मार्च 2017

सबसे सरल विजनस नेटवर्क मार्केटिंग ।

मल्टी लेवल मार्केटिंग या नेटवर्क मार्केटिंग को डायरेक्ट सेलिंग भी कहते है । यह विजनस सबसे पहले कनाडा मे शुरू हुआ था । इस सिस्टम से कंपनी अपने उत्पाद सीधे ग्राहक तक पहुचाती हैं और  उन विजनस करने का भी मोका देतीं है । यह विजनस सबसे सरल विजनस है । नेटवर्क मार्केटिंग का विजनस कोई भी व्यक्ति कर सकता है और  आय पा सकता है ।क्योंकि इस काम मे न  अधिक पढाई लिखाई की जरूरत होती है 'न रूपयो की ना अधिक मेहनत की और ना समय का बंधन ना उम्र की सीमा ' इस विजनस मे स्थान की भी जरूरत नही पडती है ।जव चाहे जितना चाहे जहाँ चाहे काम करे ओर पैसा कमाए । और यह विजनस करने की ट्रेनिंग भी कपनी अपने ग्राहको को फ्री मे देती है । बस  अपनी मन पसंद नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी को चुनकर  उसकी ज्वाइनिंग लेना होता है । इन कपनीयो की ज्वाइनिंग जीरो से लेकर 15 हजार रूपये तक है । इसके बाद हमे उस कंपनी के उत्पाद खरीदना होता है । तो वह तो हम दुशरी कंपनी के भी खरीदकर स्तमाल करते है । अब  अपनी कंपनी के खरीदकर  उपयोग करे जिन पर हमे कमीशन भी मिलेगा ।और हम दूशरो को कंपनी मे ज्वाइन करेगे और वह लोग भी कंपनी के प्रोडक्ट खरीदेगे उन पर भी हमे कमीशन मिलता है । इस तरह दिन दूना रात चौगना हमारा विजनस बढता जाता है । और  इस विजनस मे एक मुकाम पर पहुचने के बाद हमे कुछ नही करना पडता और कंपनी हमे पैसा देती रहतीं हैं बस कंपनी से जुडे रहने के लिए उसके उत्पाद खरीदते रहना होता है ।
कुछ कंपनी है जो नेटवर्क मार्केटिग का काम करती है । इनमे से कुछ चुनिंदा कंपनीयो के बारे मे सछिप्त मे हम नीचे जानकारी दे रहे है ।
IMC इंटरनेशनल मार्केटिंग कॉर्पोरेशन _ यह  एक मल्टीलेवल कंपनी है । इसकी स्थापना 2007 मे हुई है । यह कंपनी भारत सहित दुनिया के 15 देशो मे व्यापार करती है । इस कंपनी के 200 से भी अधिक प्रोडक्ट है जो WHO दुवारा प्रमाणित है । इन सभी आयुर्वेदिक प्रोडक्ट मे मेडिसिन ' व्यूटिशन ' वेटनरी 'होमकेयर 'हेल्थकेयर 'एवं पर्सनल केयर प्रोडक्ट है । इस कंपनी मे ज्वाइनिंग फ्री है । इस कंपनी का मुख्य कार्यायल लुधियाना मे है ।
RMP इंफोटेक _ इस कंपनी की स्थापना सन 2001 मे हुई है । यह कंपनी कॉस्मेटिक ' होमकेयर  आदि उत्पाद बेचती है ।इस कंपनी का हेड  अॉफिस चिन्नई मे है ।
Amwayएमवे _यह  अमेरिका की कंपनी है इसकी स्थापना 1959 को हुई है । यह कपनी भारत मे 20 साल से व्यापार कर रही है ।यह कंपनी कॉस्मेटिक 'हेल्थ आदि प्रोडक्ट बेचती है ।
Oriflame अॉरिफलम - इस कंपनी की स्थापना  सन1947 मे हुई थी जब भारत को आजादी मिली थी । यह कंपनी कॉस्मेटिक के बहुत सारे उत्पाद नेटवर्क मार्केटिंग से बेचती है । और  इसका व्यापार 50 देशो मे चलता है ।
Tupperwareटुप्परवयर - यह  अमेरिका की की कंपनी है । इसकी स्थापना 1996 मे हुई है । यह कंपनी डायरेक्ट सेल्स मे किचन के प्रोडक्ट का व्यापार करती है ।
Avon एवन 'यह न्यूयॉर्क की कंपनी है इसकी स्थापना1886 मे हुई है ।यह कंपनी कॉस्मेटिक ' व्यूटी प्रोडक्ट  एव पर्सनल केयर के प्रोडक्ट बेचती है ।
DSO देव सॉफ्ट ओवरसस ' इस कंपनी की स्थापना सन 2000 मे हुई थी । यह कंपनी सॉफ्टवेयर और हाडवेयर का व्यापार करती है । इसका हेड  अॉफिस दिल्ली मे स्थापित है ।

U हिन्दुस्तान यूनीलीवर _इस कंपनी को कोन नही जानता यह कपनी भारत मे बहुत लोकप्रिय है यह कंपनी कॉस्मेटिक  और खाने के प्रोडेक्ट का व्यापार करती है ।इसके उत्पाद बेस्ट क्वालिटी के होते है
BMS वालाजी मल्टी सर्वीस _ इस कंपनी की स्थापना सन 2008 मे हुई थी ।और यह कंपनी बीमा के क्षेत्र मे काम करती है ।
HLM  रियल  इंडिया लिमिटेड _ इस कंपनी की स्थापना सन 2010 मे हुई है ।यह कंपनी डायरेक्ट विजनस प्लान उपलबध कराने का काम करती है ।
Tiens टिंस ग्रुप _ यह चाइना की कंपनी है । इसकी स्थापना सन 1995 मे हुई थी ।यह कंपनी दुनिया के 200 देशो मे व्यापार करती है ।यह कंपनी हेल्थ केयर प्रोडक्ट के साथ ही होटल और टूरिज्म एवं रियल स्टेट मे व्यापार करती है ।
Herbalife हर्बल लाइफ _इस कंपनी की स्थापना सन 1990 के आसपास हुई थी ।और यह कंपनी एनर्जी' फिटनिस' एवं पर्सनल केयर के प्रोडक्ट बेचती है । कंपनी का हेड  अॉफिस बेन्गलूरू मे है ।
Modicare मोदी केयर _यह कंपनी मोदी ग्रुप की भारतीय कंपनी है ।इसकी स्थापना सन 1996 मे हुई थी ।यह कंपनी पर्सनल केयर ' हेल्थ केयर  एवं होम केयर प्रोडक्ट का व्यापार करती है ।इस कंपनी का हेड  अॉफिस दिल्ली मे है ।

RCM राइट कंसेप्ट मार्केटिंग _ यह भारत की कंपनी है इसकी स्थापना सन 2000 मे हुई है पहले यह कंपनी केवल कपडे का कारोबार करती थी । आब हय कंपनी आदमी की जरूरत के अधिकंश  उत्पाद बेचती है ।।इस कंपनी का मुख्य कार्यालय भीलवाडा राजस्थान मे है ।
Securelife सेक्योर लाइफ् _यह भारत की कंपनी है इसकी स्थापना सन 2000 मे हुई है ।यह कंपनी शिक्षा स्वास्थ्य बीमा और फेशन के क्षेत्र मे काम करती है ।

नोट_ उपरोक्त सभी कंपनीयो के बारे मे विस्तार से जानकारी लेने के लिए आप गूगल की मदद से जान सकते है । कंपनी के बारे मे सही जानकारी के बाद ही कंपनी की ज्वानिंग लेने का निर्णय लेना उचित होगा ।
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सोमवार, 13 फ़रवरी 2017

हवा मिठाई का विजनस ।

हवा मिठाई का अविष्कार सबसे हले यूरोप मे 19 वी सताब्दी मे हुआ था । इसके बाद यह मिठाई कॉटन कैंडी के नाम से दुनिया मे प्रशिद्ध हुई ।
कॉटन कैंडी _गुडिया के बाल नाम से जानी जाने वाली हय मिठाई बच्चो की पसंदीदा मिठाई है ।
कॉटन कैंडी का विजनस कम मेहनत कम लागत से शुरू किया जाने वाला गृह  उधोग है ।जो अधिक मुनाफा देता है । इस काम को कोई भी साधारण सूझवूझ वाला आदमी मात्र 2000 रू की लागत से आरंभ कर सकता है । जहाँ पर कॉटन कैंडी बनाने का काम होता है वहॉ से तीन दिन की ट्रेनिंग लेकर यह काम सीखा जा सकता है । इसके बाद जरूरत होती है कॉटन कैडी बनाने बाली मशीन की जो बाजार मे 10_15 हजार रूपये की कीमत मे मिलती है ।छोटे स्तर पर काम करने के लिए मिनी कॉटन कैंडी मेकर से भी काम चलाया जा सकता है जो और भी कम कीमत पर मिल जाता है । इसके बाद कच्चे माल के रूप मे - चीनी ' तेल ' खाने के रंग ' स्टिक (काडी) फलो के एसेंस ' प्लास्टिक पीपी (पन्नी ) आदि की जरूरत होती है । इसके बाद तो 200 रू के कच्चे माल से हजार रू का माल तैयार होता है क्योंकि एक किलो चीनी से लगभग 100 कॉटन कैडी के पेकिट तैयार होते है । जो दस रू पेकिट के हिसाव से बिकते है । कॉटन कैंडी बेचने के लिए भी किसी स्टाल या विशेष स्थान की जरूरत नही है । इन पेकिटस को एक डंडे पर लटकाकर फेरी लगाकर बेचा जाता है ।
कॉटन कैंडी मे कुछ नया करने की जरूरत है ।
हम देखते है की हवा मिठाई बेचने बाले सादे पेकिट मे एक ही रंग की हवा मिठाई बेचते देखे जाते है और  उस मिठाई मे मीठे के अलावा कोई स्वाद व सुगंध भी नही होती है । जवकि आज खाने की सभी वस्तुओं मे सुगंध का उपयोग अनिवार्य है । इसलिए कॉटन कैडी मे भी आम ' नीबू ' संतरा 'आदि की सुगंध का प्रयोग करना चाहिए यह खादय सुगंधियॉ आज सहज  सुलभ है । इसके साथ ही यह कैडी पूरे सातो रंगों मे बनाना चाहिए । इस कैंडी की पेकिंग भी प्रिंट होनी चाहिए ।और कॉटन कैडी के हर पेकिट मे बच्चो की पसंद की कोई सस्ती छोटी चीज डालना चाहिए 'जैसे - फोटो 'स्टीकर 'मनोरंजन बैक नोट ' आदि इन प्रयोगो से बच्चो को कॉटन कैडी की तरफ  आधिक  आकृशित किया जा सकता है ।

गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

रोजगार शिक्षा ' प्रशार मे कमी है !

यह सूचना क्रांति का युग है जहाँ हर तरह की जानकारियॉ सहज सुलभ है । पर  आदमी की पहली जरूरत रोजगार है ।और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषय की शिक्षा का ही देश मे अभाव है । जिसके कारण देश मे बेरोजगारी की समस्या है ।
समाचार पत्र- समाचार पत्र देश मे पतझड के पत्तों की तरह रोज छपते है । पर  इनमें रोजगार से संवंधित संमंग्री बहुत कम होती है ।  और रोजगार विषय पर आधारित  एक पत्र को छोडकर कोई दूशरा समाजार पत्र नही छपता है ।
पत्रिकाए- प्रिंट मीडिया मे लगभग सभी विषयो पर पत्रिकाए है । लेकिन  उधोग धंधे पर कोई पत्रिका नजर नही आती ।
रेडियो - रेडियो स्टेशनो पर भी रोजगारो से संवंधित कार्यक्रम नाम के लिए ही प्रशारित होते है ।रेडियो पर भी रोजगार विषय पर  आधारित  अलग से कोई स्टेशन नही है ।
टीवी -प्रशार भारती की टीवी सेवा के सो से भी अधिक टीवी चेनल है जो देश के कोने कोने तक पहुचकर  अपना प्रशारण देते है। पर रोजगार विषय का कोई भी टीवी चेनल नही है ।
इंटरनेट -इटरनेट पर तो हर विषय की जानकारियो का खजाना है । लेकिन हर  आदमी की पहुँच इंटरनेट तक नही है ।
फिल्म - फिल्में मनोरंजंन के साथ ही शिक्षा काभी  एक  अच्छा माध्यम होती है । पर फिल्मों से भी काले धंधो की ही शिक्षा जादा मिलती है जिससे युवा काले धंधो की तरफ  अकृशित होते है ।
स्कूल - स्कूलो मे भी रोजगार  उनमुखी शिक्षा नही दी जाती । प्रथमिक शिक्षा के पाठयक्रम मे रोजगार की शिक्षा से संवंधित कोई भी पाठ या अध्यक्ष शामिल नही है ।जवकी रोजगार का एक विषय अलग से होने की जरूरत है ।
सरकार- भारत सरकार की कुछ योजनाए है जिनके तहत रोजगार संवंधी प्रशिक्षण देने की व्यावस्था है । पर यह योजनाए भी जमीनी स्तर पर खरी नही उतरती और गांव के लोगो तक  इनका लाभ नही पहुंच पाता और लोग  इससे वंचित रहते है । उधोग धंधे के लिए सरकार की तरफ से लोन की व्यवस्था है ।पर  इसका परिणाम यह होता है की लोग सरकारी रिण लेकर  उधोग स्थापित करते है और फूल है जाते है । इसलिए धंधे के लिए रूपए से जादा जरूरी होती है शिक्षा  उस काम का सही ज्ञान उसकी पूरी जानकारी । तभी उधोग धंधा सफल होता है ।
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चूना उघोग, कम लागत, आधिक मुनाफा

  आज भारत मे 75 पैरेंट लोग पान में जो चुना खाते है।  इस चूने को बनाना और इस तरह की डिब्बी में भरकर बेचने वाले लोग भारी मुनाफा कमाई करते है।