सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

रबर बलून विजनस 500₹ से शुरू ।

गुव्वारे 🎈💃
रबर बलून से तो सभी परिचित है जिनहे फुग्गा और गुब्बारा भी कहा जाता है । हम सभी ने अपने बचपन मे जरूर गुब्बारे खेले होगे ।गुब्बारे बच्चो की पसंद होते है ।
गुब्बारे बैचने का का काम सबसे कम लागत मेहनत का काम है । आदमी इस काम को मात्र500 रूपए की लागत से शुरू कर सकता है ।इसे करने के लिए दो चार छोटी  छोटी वस्तुओं की जरूरत होती है जो कही भी स्थानीय बाजार मे आसानी   से  मिल जाती है ।वह है _ डंडे 2 ' हवा हेंड पंप ' गुब्बारे का पेकिट ' गुब्बारा केप पेकिट ' मेटे धागा की रोल ' बस  इस काम मे इनही की जरूरत होती है ।
कैसे करै ।
ऊपर बताए गए सामान को बाजार से खीदे जो 500₹ की कघीमत मे पूरा मिल जाएगा । इसे अपने घर पर लाए और घर बैठकर दोनो डंडो को T आकार का बनाए फिर फुग्गे पंप से फुला फुला कर  उनके मुह पर प्लास्टिक की केप लगाते जाए और फुग्गो को धागे से बॉधकर T डंडे पर लटकते जाए जब डंडे पर फुग्गो का झुड बन जाए  तो समझे आपकी दुकान तैयार है । अब  अपनी दुकान लेकर फुग्गे बैचने के लिए चल दे ।अगर साइकिल की सुविधा हो तो और वहतर होगा । क्योंकि गुब्बारे बेचने का काम फेरी लगाकर किया जाता है और साइकिल से पैदल की अपेक्षा जादा दूर तक फैरी लगार  गुब्बारे बैचे जा सकते है और  अधिक गुब्बारे बैचे जा सकते है । 10₹ का एक फुग्गा बिकता है  दिन भर मे सौ फुग्गे तक बिक जाते है कभी कभी यह बात  एक फेरी बाले ने हमे बताई जो गुब्बारे बेच रहा था ।
यह लेख पढते समय  आप यही सोच रहे होगे की यह काम छोटा है नही जी हमारी सोच छोटी होती है । आज कुछ  एसे उधोगपती है जिन्होंने अपना काम गुब्बारे बैचने से शुरू किया था और  आज कहॉ से कहॉ पहुँच गए ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दुकानों की बिक्री बढाने के तरीके ।

color">दुकानों की बिक्री बढाने के उपाय और भारी लाभ कमाए ।
सॉपिंग सेंटर के काउंटर पर सुंदर महिलाऔ को बैठी देखकर ' सॉपिंग करने ग्राहक अधिक आते है ।

सॉपिंग सर्बिस सेंटरो या दुकानों किसी भी सेबा व्वसाय को चलाने के लिए उस पर ग्राहको का आना बहुत जरूरी है । बाजार का हर दुकानदार यही चाहत है कि उसके सॉप पर अधिक से अधिक ग्राहक आए और उसकी सेबा या बस्तुए खरीदें ' जिससे वह अधिक लाभ कमाए । इस उद्देश्य को लेकर दुकानदार अपनी तरफ से हर वह तरीका अपनाते है ' जिससे उनकी ग्राहकी बढे और जादा माल बिके । बाजारों मे दुकाने दुल्हन की तरह सजी 'रंगीन लाइट मे झिलमिलाती रहती है । दूकानदार ग्राहको को आकृशित करने के बिभिन्न उपाय करते है । जैसे_ ग्राहको को बैठने की उत्तम गद्देदार व्यवस्था करना ' तो कोई अपने सॉप पर आने वाले हर ग्राहक को चाय पिलाता है ' कुछ कपडे आदि की दुकानों पर सामान के साथ कपडे के थेले मुफ्त मे दिये जाते है । पर इन उपायों से ग्राहको पर कोई बिशेष प्रभाव नही पडता इन उपायो को आम बात समझा जाता है । दुकानों पर ग्राहकों की संख्या मे बढोत्री करने के लिए कुछ खास उप…

जमीन मे सोने की खोज ।

एक जमाना था जब भारत को 'सोने की चिडियॉ ' कहा जाता था ।अठारहबी सदी तक भारत मे बहूत सोना चॉदी था । इस बात की पुष्टी टी. बी.मैकॉले की सर्बे रिपोर्ट से भी होती है ' मैकॉले ने 2 जनवरी 1835  को ब्रटिस संसद मे भारत के बारे मे अपनी रिपोट मे स्यम कहा था _ मै पूरब से पश्चिम तक पूरे भारत मे घूमा पर मुझे भारत मे एक भी भिखारी या चोर  और गरीब  आदमी नही मिला ' एवं मैकॉले ने अपने भाषण मे भारतियो के पास बहुत सोना चॉदी होने के बाबत भी जिकृ किया है ।
पुराने जमानो मे भारत के अलावा और भी देशो के पास  अटुट सोना था ।उस समय मुद्वा के रूप मे सोना या सोने के सिक्को का ही चलन था ।उस जमाने के राज महाराजा और सेठ साहूकार वा मठ मंदिरो के अधिकारी आदि अमीर लोग  अपना धन सोना चॉदी जमीन मे ही गाड कर रखते थे । एसी प्रथा थी । जिनमे से कुछ लोग वह स्थान भुल जाते थे । और कुछ धन गडा होने की बात किसी को बताए बिना ही दुनियॉ से चले जाते थे । और  उनका सोना चॉदी हमेशा के लिए जमीन मे ही रह जता था । पुराने समय के खजाने भी जमीन मे ही होते थे जो भवन ढह जाने या किनही अनय कारणो से गुम जाते थे । वे जमीन मे ही है । आज भी …

चरोटा का बहूउपयोगी पौधा ।

चरोटा सीजल पीनेसी कुल का पौधा है ।इसका वैज्ञानिक नाम केशिया टोरा है । इसे चकोडा और पुवाड भी कहते है ।विदेशो मे इसे 'इंडियन लेवरनस ' के नाम से जाना जाता है ।
निर्यात के लिए प्रतिबंधित है चरोटा ' निर्यात के लिए प्रतिबंधित लगभग 50 पौधे एसे है जिनहे महानिदेशक विदेश वयापार दुवार  इन पौधो के व्यापार और निर्यात की अनुमति तभी होगी जव  इनहे खेती करके पैदा किया जाए ।
चरोटा भारत के अधिकांश प्रदेशो मे पाया जाता है ।इसके पौधे बरसाती मोषम मे जंगलो और खाली मैदानो मे भारी उगते । यह पौधा बिलकुल मैथी के पौधे के समान होता है । चरोटा के पौधे पर पीले रंग के फूल लगते है 'इसकी लंबी फलियॉ होती है जिनमे मैथी जैसे बीज निकलते है ।
चरोटा बहूउपयोगी पौधा है । जो मनुष्य के लिए कुदरत की अनमोल देन है । जिसके निम्नलिखित उपयोग है ।

चरोटा के बीज की गिरी का उपयोग कॉफी बनाने मे होता है ।इसके बीज कडवे होने के कारण कॉफी का स्वाद बढाने मे सहायक होते है ।चरोटा के बीज मे पाए जाने वाले गोद नुमा पदार्थ से पान मशाले बनाए जाते है ।और यह गम बनाने मे भी उपयोग होता है ।चरोटा बीज पाऊडर का स्तमाल  अगरबत्ती बनाने मे बहुत …